पंजाब सरकार 1,000 आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण कर बाल और माताओं की देखभाल सुविधाओं में करेगी वृद्धि: डॉ. बलजीत कौर

आंगनवाड़ी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में पंजाब अग्रणी
कहा, 350 मौजूदा आंगनवाड़ी केंद्रों का होगा अपग्रेड
31 जनवरी 2025 तक सभी कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य
चंडीगढ़, 26 दिसंबर
पंजाब सरकार ने राज्य में 1,000 आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण कर और 350 मौजूदा केंद्रों का उन्नयन कर बच्चों और माताओं की देखभाल सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
इस बारे में जानकारी देते हुए सामाजिक सुरक्षा, महिला और बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि इन केंद्रों का निर्माण महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत किया जा रहा है। प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र को 12 लाख रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है। निर्माण कार्य में फ्लोरिंग, पेंटिंग, प्लंबिंग, बिजलीकरण और लकड़ी के काम जैसी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है ताकि बच्चों और माताओं के लिए उपयुक्त वातावरण सुनिश्चित हो सके।
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि इन केंद्रों का निर्माण ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से मनरेगा योजना के तहत किया जा रहा है। अब तक 53 आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जिससे राज्य में उच्च गुणवत्ता वाली सेवाओं पर सरकार का ध्यान केंद्रित है।
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मौजूदा केंद्रों का उन्नयन भी प्राथमिकता में
कैबिनेट मंत्री ने यह भी बताया कि 1,000 नए केंद्रों के निर्माण के साथ-साथ 350 मौजूदा आंगनवाड़ी केंद्रों को भी उन्नत बनाया जा रहा है। इन केंद्रों में बेहतर सुविधाएं प्रदान कर लाभार्थियों के लिए सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि अपग्रेडेशन का कार्य तेजी से प्रगति पर है, और सरकार का लक्ष्य है कि 31 जनवरी 2025 तक सभी अपग्रेड किए गए आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाए।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “यह पहल बच्चों और माताओं के लिए पोषण और देखभाल केंद्रों के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ कर उनके समग्र विकास को सुनिश्चित करेगी। सरकार की यह प्रतिबद्धता न केवल सेवाओं में सुधार करेगी बल्कि समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”

