पांच नहीं, अब चार दिन के होंगे टेस्ट मैच, ICC बना रही है योजना, कब से हो सकता है लागू नया नियम
– टेस्ट क्रिकेट को चार दिन का करने पर विचार चल रहा है, जबकि बड़ी टीमें पारंपरिक पांच दिन के मुकाबले खेलेंगी
पटियाला, 18 जून (शाही)
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) टेस्ट क्रिकेट में बड़ा बदलाव लाने की तैयारी में है। खबरों के अनुसार, 2027-29 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप चक्र से छोटे देशों के लिए चार दिन के टेस्ट मैचों को मंजूरी मिल सकती है। वहीं, भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी बड़ी टीमें पारंपरिक पांच दिन के टेस्ट मैच खेलना जारी रखेंगी।
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बड़ी टीमों को मिलेगी पांच दिन के टेस्ट की छूट
रिपोर्ट्स के मुताबिक, WTC 2025 फाइनल के दौरान लॉर्ड्स में हुई बैठकों में इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी। इस दौरान ICC अध्यक्ष जय शाह ने भी चार दिन के टेस्ट के प्रस्ताव का समर्थन किया। यह कदम छोटे देशों की समस्याओं को ध्यान में रखकर उठाया जा रहा है, जो पांच दिन के टेस्ट की लंबी अवधि और खर्च को वहन करने में मुश्किल महसूस करते हैं।
हालांकि, ऐशेज, बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी और नई शुरू हो रही एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी जैसी प्रतिष्ठित सीरीज को पहले की तरह पांच टेस्ट और पांच दिन के प्रारूप में ही आयोजित किया जाएगा।
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चार दिन के टेस्ट में क्या बदलेगा?
चार दिन के टेस्ट मैचों में एक बदलाव यह होगा कि प्रत्येक दिन 90 की बजाय 98 ओवर कराए जाएंगे, ताकि समय की भरपाई हो सके। रिपोर्ट के अनुसार, “चार दिन के टेस्ट में रोजाना कम से कम 98 ओवर कराने का नियम होगा, ताकि टेस्ट की गुणवत्ता बनी रहे।”
इस बदलाव से छोटे देशों को कम समय में अधिक मैचों की मेजबानी का अवसर मिलेगा। उदाहरण के लिए, तीन टेस्ट की सीरीज को अब तीन हफ्ते से भी कम समय में पूरा किया जा सकता है।
क्यों जरूरी है यह बदलाव?
रिपोर्ट में बताया गया है कि कई छोटे क्रिकेट बोर्ड, जैसे दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड, समय और संसाधनों की कमी के कारण अधिक टेस्ट मैचों की मेजबानी नहीं कर पा रहे। दक्षिण अफ्रीका भले ही WTC 2025 का विजेता बन गया हो, लेकिन उनका घरेलू टेस्ट कार्यक्रम काफी सीमित रहा, जिसने इस समस्या को और उजागर किया।
चार दिन के टेस्ट मैच क्रिकेट के पारंपरिक स्वरूप में एक बड़ा बदलाव हो सकते हैं। हालांकि, यह कदम केवल छोटे क्रिकेटिंग देशों के लिए उठाया जाएगा, ताकि टेस्ट क्रिकेट को अधिक व्यावहारिक और सुलभ बनाया जा सके। वहीं, बड़ी टीमें अब भी पारंपरिक पांच दिन के मुकाबले खेलेंगी।
अब यह देखना बाकी है कि क्या ICC इस बदलाव को आधिकारिक रूप से लागू करता है और यदि हां, तो यह टेस्ट क्रिकेट के भविष्य को किस दिशा में ले जाएगा।
