
पटियाला, 7 नवंबर
कलाकृति पटियाला द्वारा आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय रंगमंच महोत्सव का शानदार आगाज हुआ। नाटक ‘रब दी बुक्कल’ ने दर्शकों को भावुक कर दिया। यह नाटक वीणा वर्मा की कहानी ‘रजाई’ पर आधारित है। पार्मिंदर पाल कौर ने मुख्य किरदार को बखूबी निभाया और दर्शकों के दिलों को छू लिया। नाटक ने एक महिला के जीवन के संघर्षों और समाज की कड़वी सच्चाइयों को बड़े ही मार्मिक ढंग से उजागर किया।
विनोद कौशल के निर्देशन में नाटक को एक नई ऊंचाई मिली। मंच सज्जा, प्रकाश और संगीत ने नाटक को और अधिक प्रभावी बनाया। हरजीत गुडू के संगीत और डॉ. हरिंदर के गायन ने नाटक को चरम पर पहुंचा दिया। यह नाटक न केवल मनोरंजन का माध्यम था बल्कि समाज के प्रति जागरूकता फैलाने का भी एक माध्यम बना। आने वाले दिनों में महोत्सव में कई और रोचक नाटक प्रस्तुत किए जाएंगे।
नाटक ‘रब दी बुक्कल’ वीणा वर्मा की कहानी ‘रजाई’ पर आधारित है। एक महिला के जीवन के संघर्षों और समाज की कड़वी सच्चाइयों को बड़े ही मार्मिक ढंग से उजागर करते नाटक में पार्मिंदर पाल कौर ने मुख्य किरदार को बखूबी निभाया और दर्शकों के दिलों को छू लिया। नाटक ने दर्शाया कि कैसे एक महिला को समाज में कई भूमिकाएं निभानी होती हैं, और उसे अक्सर अन्याय का सामना करना पड़ता है। मंच सज्जा, प्रकाश और संगीत ने नाटक को और अधिक प्रभावी बनाया। कलाकारों के शानदार अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह नाटक न केवल मनोरंजन का माध्यम था बल्कि समाज के प्रति जागरूकता फैलाने का भी एक माध्यम बना।
