पंजाबी-गुजराती बाल साहित्य का आदान-प्रदान जरूरी : डॉ. आशट

पटियाला, (20 अप्रैल)
साहित्य अकादमी बाल साहित्य पुरस्कार विजेता, शिरोमणि पंजाबी बाल साहित्य लेखक डॉ. दर्शन सिंह आशट ने गुजराती साहित्य परिषद अहमदाबाद में भारतीय बाल साहित्य के संदर्भ में चर्चा की। डॉ आशट ने कहा कि वर्तमान युग में बच्चों में साहित्य सृजन की रुचियां को बढ़ावा देने के लिए पंजाबी और गुजराती बाल साहित्य का अनूदित रूप में आदान-प्रदान और ज्यादा गतिशील होना चाहिए क्योंकि बाल साहित्य ही प्रौढ़ साहित्य की नींव है। नई पीढ़ी को जैसा बाल साहित्य प्राप्त होगा उसी आधार पर ही उनका चारित्र निर्माण होगा और बच्चे जीवन मूल्यों को ग्रहण कर सकेंगे। डा. आशट ने इस बात पर बल दिया कि सोशल मीडिया के इस युग में बाल प्रतिभा को निखारने के लिए बाल साहित्य उत्तम माध्यम साबित हो सकता है और उनमें नई सोच, नई ऊर्जा पैदा करके उनका मार्गदर्शन कर सकता है। इस अवसर पर साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता और गुजराती के जाने-माने साहित्यकार नटवर पटेल द्वारा अपनी बाल पुस्तकें डॉ. आशट को भेंट की गईं। डॉ. आशट ने भी प्रकाशन विभाग भारत सरकार द्वारा प्रकाशित अपनी पुस्तकें परिषद को भेंट की ताकि गुजराती बच्चों भी पंजाब के लेखकों द्वारा सृजित बाल साहित्य से मनोरंजन और ज्ञान अर्जित कर सकें। इस अवसर पर गुजराती साहित्य परिषद के सचिव पुस्तकालय परिक्षित आर जोशी, ग्रंथमाला दीप्ति बेन शाह और अन्य व्यक्ति भी मौजूद थे।