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पटियाला में गूंजा नारी शक्ति का स्वर, मंचित हुआ “ऐसी होती हैं लड़कियां” नाटक की प्रभावशाली प्रस्तुति

एनज़ेडसीसी मासिक नाट्य श्रृंखला के तहत हिंदी नाटक “ऐसी होती हैं लड़कियां” 

पटियाला, 14 जून
भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन कार्यरत उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र (एनज़ेडसीसी), पटियाला द्वारा आयोजित मासिक नाट्य श्रृंखला के अंतर्गत कालिदास ऑडिटोरियम, विरसा विहार केंद्र, पटियाला में सामाजिक सरोकारों पर आधारित हिंदी नाटक “ऐसी होती हैं लड़कियां” का सफल मंचन किया गया। नाटक का लेखन एवं निर्देशन वरिष्ठ रंगकर्मी डॉ. ऋषिपाल योगी ने किया, जबकि इसकी प्रस्तुति फेथ इन थिएटर रंगमंडल, कुरुक्षेत्र के कलाकारों द्वारा की गई।

नाटक एक ऐसी युवती की प्रेरणादायक कहानी प्रस्तुत करता है, जो बड़े सपने देखती है, संघर्षों का सामना करती है और जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानती। एक दुर्घटना के बाद उसका जीवन पूरी तरह बदल जाता है, लेकिन समाज की संकीर्ण सोच, लोगों के तानों और परिस्थितियों की चुनौतियों के बावजूद वह अपने आत्मविश्वास, शिक्षा और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर सफलता की नई मिसाल कायम करती है। नाटक यह संदेश देता है कि किसी व्यक्ति की पहचान उसकी शारीरिक सीमाओं से नहीं, बल्कि उसके साहस, संकल्प और कर्मों से होती है।

प्रस्तुति के माध्यम से यह सवाल भी उठाया गया कि आखिर बेटियों को बार-बार स्वयं को साबित करने की आवश्यकता क्यों पड़ती है? उनके सपनों, स्वतंत्रता और क्षमताओं को संदेह की दृष्टि से क्यों देखा जाता है? नाटक दर्शकों को आत्ममंथन के लिए प्रेरित करते हुए बेटियों के सम्मान, समानता और आत्मनिर्भरता का सशक्त संदेश देता है।

नाटक में अवनी कौशिक, रक्षित, चिराग लंबा और उर्शिता ने मुख्य भूमिकाओं में प्रभावशाली अभिनय कर दर्शकों की भरपूर सराहना प्राप्त की। वहीं कीर्ति शर्मा, प्रिया शर्मा, अजीशा पाठक, श्रेया, ताशी और तुषार ने अन्य पात्रों एवं कोरस के रूप में अपनी अभिनय प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

मंच के पीछे तकनीकी टीम में अभिषेक कुमार, जसबीर सिंह और हरमीत भुल्लर ने संगीत एवं प्रकाश संयोजन का दायित्व निभाया, जबकि कमल वर्मा और सुंदर कुमार ने सेट डिजाइन तथा जया कुमारी ने वेशभूषा की जिम्मेदारी संभाली।

कार्यक्रम के दौरान उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला द्वारा नाटक के निर्देशक और सभी कलाकारों को सम्मानित किया गया। समापन अवसर पर एनज़ेडसीसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, रंगमंचीय परंपराओं के संरक्षण तथा नई प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के लिए निरंतर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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