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नई ट्रेंड: इको-फ्रेंडली शादी कार्ड जो बन जाएगा रुमाल

कोटा में ऐसा शादी का कार्ड, जिसे फेंक नहीं पाएंगे, रोज यूज करेंगे

पटियाला, 16 फरवरी (फीटर डेस्क)

इको-फ्रेंडली शादी कार्ड: एक अनोखा विचार

आमतौर पर शादी के निमंत्रण कार्ड कागज पर छपते हैं, जो बाद में कचरे में फेंक दिए जाते हैं। लेकिन कोटा के एक डॉक्टर दंपति ने पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए एक अनोखा कदम उठाया है। उन्होंने अपने बेटे की शादी के लिए ऐसा कार्ड छपवाया है, जो दो बार धोने के बाद एक खूबसूरत रुमाल में बदल जाता है।

यह अनोखा आइडिया कैसे आया?

कोटा निवासी डॉ. गिरीश चंद्र शर्मा ने अपने बेटे की शादी के लिए पारंपरिक पेपर कार्ड के बजाय इको-फ्रेंडली इनविटेशन कार्ड तैयार करवाने का फैसला किया। इंटरनेट पर सर्च करते समय उन्हें महाराष्ट्र के पुणे में ऐसी तकनीक के बारे में पता चला, जिसके बाद उन्होंने फर्म से संपर्क किया और अनोखे रुमाल-कार्ड तैयार करवाए।

इस अनोखे शादी कार्ड की खासियत

यह कार्ड डेढ़ फीट लंबा और डेढ़ फीट चौड़ा है, जो खूबसूरत कपड़े पर छपा है। इसमें परमानेंट इंक के बजाय टेंपरेरी इंक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे कार्ड को दो बार धोने पर पूरी तरह साफ किया जा सकता है। इसके बाद यह कार्ड एक खूबसूरत रुमाल में बदल जाता है।

इस कार्ड का कपड़ा इतना बेहतरीन क्वालिटी का है कि इसे शादी के बाद मेहमान रुमाल के रूप में रोज उपयोग कर सकते हैं। इस कार्ड की लागत ₹37 प्रति कार्ड है, जो पारंपरिक पेपर कार्ड के लगभग बराबर है।

धार्मिक भावनाओं का सम्मान

दंपति का मानना है कि आमतौर पर शादी के कार्ड में देवी-देवताओं के चित्र या शुभ प्रतीक होते हैं, लेकिन शादी के बाद कई लोग इन्हें कचरे में फेंक देते हैं। इससे धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। इसी वजह से उन्होंने ऐसा कार्ड बनवाया, जो फेंका न जाए और इसाक उपयोग भी हो सके।

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