पटियाला, 11 जुलाई
उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनजेडसीसी), पटियाला द्वारा आयोजित मासिक नाट्य श्रृंखला के अंतर्गत शनिवार शाम कालिदास ऑडिटोरियम, विरसा विहार केंद्र में प्रसिद्ध नाटक ‘जामुन का पेड़’ का सफल मंचन किया गया। नाटक का मंचन जयपुर की रंगशिल्प नाट्य समिति द्वारा किया गया।
केंद्र के निदेशक डॉ. अश्विन महेश दलवी के नेतृत्व में आयोजित इस प्रस्तुति ने दर्शकों को हास्य और व्यंग्य के माध्यम से प्रशासनिक व्यवस्था की विडंबनाओं से रूबरू कराया। इस नाटक की विशेष बात यह रही कि इसमें अभिनय करने वाले लगभग 70 प्रतिशत कलाकारों की औसत आयु 70 वर्ष थी, जिन्होंने अपने प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
प्रसिद्ध साहित्यकार कृष्ण चंदर की चर्चित कहानी ‘जामुन का पेड़’ पर आधारित इस नाटक का रूपांतरण वरिष्ठ रंगकर्मी नीरज गोस्वामी ने किया, जबकि इसका निर्देशन ईश्वर दत्त माथुर ने किया।
नाटक की कहानी एक आम व्यक्ति के इर्द-गिर्द घूमती है, जो सचिवालय परिसर में आंधी से गिरे जामुन के पेड़ के नीचे दब जाता है। उसे बचाने के बजाय विभिन्न सरकारी विभाग जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालते रहते हैं। इसी दौरान विपक्षी नेता भी इस घटना को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं। इस व्यंग्यात्मक प्रस्तुति के माध्यम से प्रशासनिक उदासीनता और राजनीतिक अवसरवाद पर तीखा प्रहार किया गया।
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नाटक में जयपुर रंगमंच के वरिष्ठ कलाकार नीरज गोस्वामी, ईश्वर दत्त माथुर, राजेंद्र शर्मा, राजू, मोइनुद्दीन खान, अशोक माहेश्वरी, गुरमिंदर सिंह पुरी ‘रोमी’, आलोक चतुर्वेदी, अनीस कुरैशी, सर्वेश व्यास, धनराज दाधीच, यादवेंद्र यादव तथा वरिष्ठ शायर लोकेश कुमार सिंह ‘साहिल’ ने दमदार अभिनय कर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।
कार्यक्रम के समापन पर उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की ओर से सभी कलाकारों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में रंगमंच प्रेमी और दर्शक उपस्थित रहे तथा कलाकारों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की जमकर प्रशंसा की।




