नई दिल्ली, 22 जुलाई 2026
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने लगातार हो रहे नीट पेपर लीक, छात्रों के देशव्यापी आंदोलन और मौजूदा राजनीतिक हालात पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी देश के युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि छात्रों के मुद्दे केवल युवाओं के नहीं, बल्कि पूरे देश के मुद्दे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि केंद्र सरकार छात्रों की आवाज़ दबाने की कोशिश करेगी, तो देश के युवा और अधिक मजबूती से अपने अधिकारों की मांग करेंगे।
केजरीवाल ने कहा कि जंतर-मंतर पर न्याय की मांग कर रहे छात्र पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। उनके हाथों में न कोई हथियार था और न ही किसी प्रकार की हिंसक सामग्री, इसके बावजूद उन पर लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब कई केंद्रीय मंत्रियों को बदला जा चुका है और कई ने इस्तीफा भी दिया है, तो केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा क्यों नहीं दे सकते?
उन्होंने बताया कि देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन और जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन को लेकर उद्धव ठाकरे के साथ गंभीर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों से हजारों छात्र दिल्ली पहुंच रहे हैं। कई छात्र बेहद सीमित संसाधनों के बावजूद अपने भविष्य की लड़ाई लड़ने राजधानी आए हैं।
watch…..जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद छात्रों के समर्थन में उतरी AAP, केजरीवाल ने जारी की हेल्पलाइन
केजरीवाल ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी थी कि वह परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाए, लेकिन बार-बार हो रहे पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली की खामियों से स्पष्ट है कि सरकार इसमें विफल रही है। उन्होंने कहा कि जब छात्रों ने अपनी समस्याओं का समाधान मांगा तो उन्हें न्याय देने के बजाय बल प्रयोग किया गया, जो पूरी तरह अनुचित है।
उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए जाने चाहिए ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लग सके। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी छात्रों के आंदोलन का पूर्ण समर्थन करती है।
केजरीवाल ने कहा कि सरकार जितनी अधिक छात्रों को रोकने की कोशिश करेगी, आंदोलन उतना ही व्यापक होता जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले सोनम वांगचुक के आंदोलन को दबाने का प्रयास किया गया और अब छात्रों के प्रदर्शन पर भी बल प्रयोग किया जा रहा है, लेकिन इससे आंदोलन कमजोर नहीं बल्कि और मजबूत हुआ है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार मेट्रो स्टेशन बंद कर देगी तो छात्र पैदल चलकर पहुंचेंगे। युवाओं की आवाज़ को दबाने के बजाय सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
उद्धव ठाकरे के साथ समर्थन को लेकर पूछे गए सवाल पर केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी और शिवसेना दोनों छात्रों के मुद्दे पर एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि देश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा है।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 के नीट पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी के खिलाफ समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं की गई, जिसके चलते उसे डिफॉल्ट जमानत मिल गई। उन्होंने कहा कि इससे सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
प्रदर्शन के दौरान हिंसा के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों के पास न हथियार थे, न डंडे और न ही पत्थर। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग करना किसी लोकतांत्रिक सरकार के लिए उचित नहीं है।




