
अमृतसर/पटियाला, 3 दिसंबर
पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने यह स्वीकार किया कि अकाली सरकार के दौरान डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को माफी दिलाने में उनकी भूमिका थी। इसी मामले पर अकाल तख्त में पांच सिंह साहिबानों की बैठक हुई, जिसमें सुखबीर बादल और अकाली दल सरकार के अन्य कैबिनेट मंत्रियों को धार्मिक दुराचार के आरोप में सजा सुनाई गई। गौरतलब है कि करीब दो महीने पहले सुखबीर बादल को अकाल तख्त द्वारा ‘तनखाहिया’ (धार्मिक अपराधी) घोषित किया गया था।
स्वर्ण मंदिर में सेवा का आदेश
अकाल तख्त ने सुखबीर सिंह बादल और 2015 की अकाली सरकार के अन्य मंत्रियों को स्वर्ण मंदिर में शौचालय और बर्तन साफ करने का आदेश दिया है। अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह ने निर्देश दिया कि शिरोमणि अकाली दल की कार्य समिति तीन दिनों के भीतर सुखबीर बादल का इस्तीफा स्वीकार करे और अकाल तख्त साहिब को इसकी रिपोर्ट दे। साथ ही, शिरोमणि अकाली दल को छह महीने के भीतर नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए सदस्यता अभियान शुरू करने का निर्देश भी दिया गया है।
प्रकाश सिंह बादल से ‘फकर-ए-कौम’ उपाधि छीनी गई
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दी गई माफी के मद्देनजर पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से उनकी ‘फकर-ए-कौम’ उपाधि भी वापिस ले ली। 2007 में, राम रहीम ने गुरु गोबिंद सिंह की वेशभूषा में अमृत छकाने का नाटक किया था, जिससे सिख समुदाय में आक्रोश फैल गया था। हालांकि पुलिस में मामला दर्ज हुआ था, लेकिन अकाली सरकार ने राम रहीम को माफी देने के साथ उनके खिलाफ दर्ज केस भी वापिस ले लिए थे।
सिख पंथ से नाराजगी और माफी वापिस
अकाल तख्त ने गुरमीत राम रहीम को सिख पंथ से निष्कासित कर दिया था। हालांकि, सुखबीर बादल ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर राम रहीम को माफी दिलाई, जिससे सिख पंथ में आक्रोश फैल गया। अंततः अकाल तख्त ने माफी का फैसला वापिस लिया और सुखबीर सिंह बादल व उनकी कैबिनेट की जिम्मेदारी तय की।
सुखबीर बादल ने स्वीकार की गलती
अकाल तख्त के सामने सुखबीर बादल ने अपनी गलतियों को स्वीकार किया। उन्होंने कहा, “हमसे बहुत गलतियां हुईं। हमारी सरकार के दौरान बेअदबी की घटनाएं हुईं और हम दोषियों को सजा दिलाने में विफल रहे। बेहबल कलां गोलीकांड जैसी घटनाएं हमारी सरकार में हुईं।” जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह ने कहा कि सुखबीर बादल ने डिप्टी सीएम और अकाली दल प्रमुख रहते हुए ऐसे फैसले लिए, जिनसे सिख पंथ को नुकसान हुआ।
स्वर्ण मंदिर में सेवा के दौरान तख्ती पहनने का आदेश
ज्ञानी रघुबीर सिंह ने सुखबीर बादल को सजा सुनाते हुए कहा, “3 दिसंबर 2024 से वह रोजाना दोपहर 12 से 1 बजे तक स्वर्ण मंदिर के शौचालय साफ करेंगे। इसके बाद स्नान करके लंगर हॉल में 1 घंटे तक बर्तन धोएंगे और फिर शबद कीर्तन करेंगे। सेवा के दौरान उनके गले में एक तख्ती डाली जाएगी। दरबार साहिब में दो दिन सेवा करने के बाद वह अगले दो-दो दिन केसगढ़ साहिब, दमदमा साहिब, मुक्तसर साहिब और फतेहगढ़ साहिब में सेवा करेंगे और अपनी सजा पूरी करेंगे।”




