Homeहिंदीइस पंचाक्षरी मंत्र में समाहित हैं देवों के देव महादेव

इस पंचाक्षरी मंत्र में समाहित हैं देवों के देव महादेव

- Advertisement -spot_img

-भोले बाबा होते हैं इस मंत्र ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप से प्रसन्न

देवों के देव महादेव, भोले बाबा, भगवान शिव अपने भक्तों की ओर से पंचाक्षरी मंत्र के स्तुति मात्र से ही अत्यंत प्रसन्न हो जाते हैं। जो भी भक्त भगवान शिव के पंचाक्षरी मंत्र का सच्चे मन से जप करता है, उसके अंतर्मन में शुद्धता आ जाती है। और वह प्रभु के समीप पहुंच जाता है। इस मंत्र के नियमित जप से जीवन के दुःख, दरिद्रता, रोग व सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। सत्य यह है कि प्रभु का जाप आप कभी भी किसी भी समय कर सकते हैं। क्योंकि भगवान शिव तो इस ब्रहमंड के कण-कण में विद्यमान हैं।

ॐ नमः शिवाय मंत्र की उत्पत्ति उसी समय हुई जब भगवान शिव अग्नि स्तंभ के रूप में प्रकट हुए और उनके पाँच मुख (जो पृथ्वी, जल, आकाश, अग्नि और वायु के प्रतीक हैं) से पाँच शब्द निकलें। सबसे पहले उत्पन्न हुई ‘ॐ’ ध्वनि और उसके पश्चात् पाँच शब्द ‘नमः शिवाय’ उनके मुखों से निकले। इसी कारण इसे सृष्टि का प्रथम मंत्र तथा शिववाक्य और शिवज्ञान भी कहा जाता है।

see this link also…..नेपाल में यहां हुआ था भगवान श्री राम और माता सीता का स्वंयवर

जिसके मन में निरंतर ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप चलता रहता है, वह स्वयं शिवस्वरूप हो जाता है। भगवान शिव को माना जाता है कि वे प्रत्येक मनुष्य के अंतर्मन में निवास करते हैं, जबकि प्रकृति उस मनुष्य की अभिव्यक्त आंतरिक शक्ति है। ‘नमः शिवाय’ पंचतत्वमय मंत्र है, जिसे शिव पंचाक्षरी मंत्र भी कहा जाता है। इस मंत्र के नियमित जप से मनुष्य सभी सिद्धियों को प्राप्त कर सकता है।

ॐ नमः शिवाय मंत्र एक ऐसा अनन्य मंत्र है जिसकी जप संख्या निर्धारित नहीं है। तथापि, यह सत्य है कि जितना अधिक इस मंत्र का जाप किया जाएगा, उतना ही यह सिद्ध होता जाएगा और आपके जीवन में चमत्कारिक परिवर्तन देखने को मिलेंगे। यदि इसका जाप पूर्वाभिमुख होकर एक मुखी रुद्राक्ष माला से किया जाए, तो मनोकामना शीघ्र पूर्ण होने की संभावना बढ़ जाती है।

आइए जानते हैं कि भगवान शिव को प्रसन्न करने हेतु इस मंत्र का कितनी बार जप करना चाहिए:

  • 108 बार: लगातार 108 बार ‘ॐ नमः शिवाय’ का जप करने से जीवन में अत्यंत सकारात्मक अनुभव होने लगते हैं।
  • 27 दिनों का जाप: यदि 27 दिन तक प्रतिदिन एक माला ‘ॐ नमः शिवाय’ का जप किया जाए, तो एक तीर्थस्थल तथा एक ज्योतिर्लिंग के दर्शन का फल प्राप्त होता है।
  • 108 माला का जाप: सामान्यतः, 108 माला का जाप करने से मंत्र सिद्ध हो जाता है और इसके चमत्कारिक प्रभाव प्रकट होते हैं।
  • प्रतिदिन जप : आप प्रतिदिन ‘ॐ नमः शिवाय’ का जप 11 बार से लेकर 108 बार तक कर सकते हैं।
  • विशेष इच्छाओं हेतु: किसी भी विशेष मनोकामना के लिए इस मंत्र का जाप सोमवार के दिन करना विशेष लाभकारी माना जाता है।

इस प्रकार, जीवन में सर्वोत्तम परिणाम प्राप्त करने के लिए प्रतिदिन कम से कम 108 बार ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करना चाहिए। यदि आप पूर्ण श्रद्धा और भक्तिपूर्ण भाव से इस मंत्र का जप करते हैं, तो निश्चय ही भगवान शिव प्रसन्न होंगे और आपके सभी मनोरथ सिद्ध हो जाएंगे। यह मंत्र सभी व्याधियों को शांत करने के साथ-साथ भोग और मोक्ष दोनों प्रदान करने वाला माना जाता है।

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img
Stay Connected
16,985FansLike
2,458FollowersFollow
61,453SubscribersSubscribe
Must Read
- Advertisement -spot_img
Related News
- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here