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पटियाला में साहित्य का महाकुंभ: ‘साहित्य कलश’ ने किया दो पुस्तकों का लोकार्पण

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13 वर्षों से साहित्य साधना में समर्पित संस्था ने एक बार फिर जोड़ा साहित्यकारों को एक मंच पर

पटियाला, 8 अप्रैल

साहित्य प्रेमियों के लिए आज का दिन किसी पर्व से कम नहीं था। ग्रीन वेल हाई स्कूल में साहित्य सेवा को समर्पित संस्था ‘साहित्य कलश पब्लिकेशन एवं परिवार’ ने एक भव्य पुस्तक लोकार्पण समारोह और राष्ट्रीय कवि दरबार का आयोजन किया, जिसमें साहित्य की सुगंध ने पूरे वातावरण को महका दिया।

पिछले 13 वर्षों से निस्वार्थ भाव से साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली इस संस्था ने एक बार फिर साबित किया कि “साहित्य वह दीपक है, जो अंधेरे में भी राह दिखाता है।”

दो महत्वपूर्ण कृतियों का ऐतिहासिक विमोचन

समारोह के मुख्य आकर्षण के रूप में दो प्रतिष्ठित लेखकों की कृतियों का लोकार्पण किया गया:

पुस्तकलेखक/लेखिकाविधाविषय-वस्तु
📘 ‘माया’कुलजीत कौरपंजाबी काव्य संग्रहप्रेम, जीवन दर्शन और मानवीय संवेदनाएँ
📗 ‘कालका तो शिमला’भगवान दास गुप्तापंजाबी सफरनामायात्रा वृत्तांत, संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य

विद्वानों की राय:
उपस्थित साहित्यकारों ने दोनों पुस्तकों को “साहित्य जगत का मूल्यवान रत्न” बताते हुए सराहा। उन्होंने कहा कि कुलजीत कौर की कविताएँ पाठक के हृदय को छू लेती हैं, जबकि भगवान दास गुप्ता का सफरनामा पाठकों को हिमालय की गोद में ले जाता है।

watch…..“हिंदी साहित्य की समृद्ध परम्परा”

गणमान्य अतिथियों ने बढ़ाया समारोह का शौकत

इस पावन अवसर पर निम्नलिखित विद्वानों ने विशेष अतिथि के रूप में शिरकत की और साहित्य कलश परिवार के कार्यों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की:

उजागर सिंह – वरिष्ठ साहित्यकार, डॉ. दर्शन सिंह आष्ट– विद्वान एवं आलोचक, प्रोफेसर नीले खान – शिक्षाविद् एवं लेखक, जगतार सिंह – कवि एवं पत्रकार, दिनेश सूद – साहित्य प्रेमी, पवन गोयल – समाजसेवी, मंजू – शिक्षिका एवं साहित्य

“साहित्य कलश परिवार का यह प्रयास सराहनीय है कि वे नए लेखकों को मंच दे रहे हैं। यही तो वह बीज है, जिससे भविष्य का साहित्यिक वृक्ष पनपेगा।” — अतिथि वक्ता

साहित्यिक चर्चा के साथ जन्मदिन का मधुर क्षण

कार्यक्रम के दौरान साहित्य कलश परिवार के उन सदस्यों का जन्मदिन भी मनाया गया, जिनका जन्म अप्रैल माह में होता है:

“साहित्य और स्नेह का यह संगम हमारे लिए अविस्मरणीय रहा।” — संस्था प्रतिनिधि

साहित्य कलश: 13 वर्षों की निस्वार्थ सेवा

संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि साहित्य कलश पब्लिकेशन एवं परिवार की स्थापना का मुख्य उद्देश्य है:

– नए और प्रतिभावान लेखकों को राष्ट्रीय मंच प्रदान करना
– साहित्यिक रचनाओं का प्रकाशन और प्रचार-प्रसार
– साहित्यकारों के बीच संवाद और सहयोग को बढ़ावा देना
-स्थानीय भाषाओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना

समापन: आभार और भविष्य की ओर

कार्यक्रम के अंत में साहित्य कलश परिवार की ओर से सभी अतिथियों, रचनाकारों, स्वयंसेवकों और श्रोताओं का हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।

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