
पटियाला, 9 जुलाई (डेस्क)
साहित्य कलश पटियाला ने प्रभात परवाना हॉल बारांदरी में 16 पुस्तकों का विमोचन, राष्ट्रीय कवि दरबार, और सम्मान समारोह का आयोजन किया। समागम में प्रमुख अतिथियों में लायन दिनेश सूद, सुभाष डाबर, इंद्रजीत चोपड़ा, डॉ. रवि भूषण, पवन गोयल, और त्रिलोक ढिल्लों ने मंच की शोभा बढ़ाई। डॉ. प्रतिभा गुप्ता माही, राकेश बैंस, गीता रानी और सागर सूद संजय ने भी मंच साझा किया।
विशेष रूप से सम्मानित लेखकों में विनय कुमार मल्होत्रा (अंबाला), रमेश कटारिया पारस (ग्वालियर), योगिंदर सिंह (मेरठ), इंजी. परविंदर शोख (पटियाला), और हरिदत हबीब (पटियाला) को राजेंद्र व्यथित साहित्य गौरव सम्मान 2024 से नवाजा गया। देवकी फाउंडेशन साहित्य गौरव सम्मान 2024 अजीत कुमार श्रीवास्तव (बस्ती यूपी), लज्या देवी साहित्य सम्मान 2024 किशोर सिंह चौहान (नई दिल्ली) को प्रदान किया गया। माता बंसो देवी साहित्य गौरव सम्मान 2024 डॉ. नवदीप बंसल (चंडीगढ़) और मोहिंदर सिंह जग्गी (पटियाला) को दिया गया। कांता वर्मा (करनाल) को डॉ. मनोज कुमार साहित्य पुरस्कार 2024 से नवाजा गया।
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कार्यक्रम की शुरुआत में साहित्य कलश परिवार के दिवंगत सदस्यों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कवि दरबार में लगभग 80 कवियों ने भाग लिया। इस दौरान 10 हिंदी और पंजाबी लेखकों की 16 पुस्तकों का विमोचन हुआ। हिंदी में प्रकाशित पुस्तकों में अमृतपाल सिंह काफ़ी द्वारा लिखित ‘तावीज़’, पुनीत गोयल द्वारा लिखित ‘ख़ामोशी का सफ़र’ और ‘ख़ामोश चीखें’, राकेश बैंस द्वारा लिखित ‘लम्हे’, रमेश कटारिया द्वारा रचित ‘कुछ कथाएँ कुछ लघु कथाएँ’ और ‘गीत प्रेम के’, योगिंदर सिंह द्वारा रचित ‘एहिसासों का सफर’, विजय कुमार द्वारा रचित ‘खामोश फरियाद’, डॉ. सुरेश नायक की ‘जैसा सोचोगे तुम’, संजय दर्दी चोपड़ा की ‘तार दिल दे’, सीमा भाटिया की ‘जीवन सार’, बलजिंदर सरॉय की ‘सुखी जीवन दा राज’, सागर सूद संजय की ‘सागर की गहराई से’ और ‘खलाअ’ के अलावा हिंदी और पंजाबी में प्रकाशित दो संयुक्त काव्य संग्रह ‘कलम के परिंदे’ और ‘शब्दां दी खुशबोई’ को भी लोगों के सामने पेश किया गया।
साहित्य कलश परिवार के संस्थापक सागर सूद संजय द्वारा साहित्य एवं कला के संबंध में दी जा रही सेवाओं की सराहना की। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित इंद्रजीत चोपड़ा ने आश्वासन दिया कि इस परिवार की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए वे इसे अपना भवन या हॉल बनाने के लिए एक ‘प्लॉट’ अवश्य देंगे ताकि यह साहित्यिक कलश परिवार और अधिक फल-फूल सके। विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए सुभाष डाबर ने हॉल निर्माण हेतु 51,000 रुपये देने की घोषणा की, जिसे दर्शकों ने तालियों से सराहा। मंच संचालन दिनेश सूद ने किया।




