
पटियाला, 23 अप्रैल
पंजाब इतिहास सम्मेलन का 55वां सत्र 25 से 27 अप्रैल 2025 तक पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला में आयोजित होगा। इस सम्मेलन का आयोजन यूनिवर्सिटी के इतिहास और पंजाब ऐतिहासिक अध्ययन विभाग द्वारा किया जा रहा है।
सम्मेलन की निदेशक डॉ. संदीप कौर ने बताया कि यह भारत का सबसे पुराना क्षेत्रीय इतिहास सम्मेलन है। इसमें पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों से सैकड़ों प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
इस सम्मेलन की शुरुआत 1965 में प्रसिद्ध इतिहासकार डॉ. गंडा सिंह ने की थी। तब से यह पंजाबी यूनिवर्सिटी के इतिहास और पंजाब ऐतिहासिक अध्ययन विभाग द्वारा नियमित रूप से आयोजित किया जाता है।
इस वर्ष सम्मेलन की अध्यक्षता पंजाबी यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. करमजीत सिंह के संरक्षण में होगी। तीन दिवसीय आयोजन में भारतीय इतिहास के चार खंडों—प्राचीन, मध्यकालीन, आधुनिक और पंजाबी—पर शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। नालंदा यूनिवर्सिटी के विजिटिंग प्रोफेसर डॉ. के.टी.एस. सराओ महासचिव के रूप में कार्य करेंगे।
सम्मेलन के दौरान गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (जीएनडीयू), अमृतसर के इतिहास विभाग के पूर्व प्रमुख प्रोफेसर जोगिंदर सिंह ‘प्रोफेसर सीता राम मेमोरियल व्याख्यान’ देंगे। प्राचीन खंड की अध्यक्षता दिल्ली यूनिवर्सिटी के इतिहास विभाग की प्रोफेसर सीमा बावा करेंगी, जबकि मध्यकालीन खंड की अध्यक्षता जीएनडीयू, अमृतसर की प्रोफेसर राधा शर्मा करेंगी। आधुनिक खंड की अध्यक्षता संत बाबा भाग सिंह यूनिवर्सिटी, जालंधर के कुलपति प्रोफेसर धर्मजीत सिंह करेंगे, और पंजाबी खंड की अध्यक्षता जीएनडीयू, अमृतसर के गुरु ग्रंथ साहिब अध्ययन केंद्र के प्रोफेसर अमरजीत सिंह करेंगे। पंजाब की कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर (सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री) मुख्य अतिथि होंगी।




