
पटियाला, आठ जून (शाही)
2024 लोकसभा चुनाव परिणामों ने कई उम्मीदवारौं के चेहरों पर खुशी ला दी। तो कई उम्मीदवारों के चेहरे पर निराशा। इतना ही नहीं उम्मीदवारों का एक तीसरा वर्ग ऐसा ही है। जिन्हें हार के साथ-साथ आर्थिक तौर भी नुकसान झेलना पड़ा। यह वह प्रत्याशी हैं, जिनकी जमानत भी जब्त हो गई। आज हम लोकसभा चुनावों में ताल ठोकने वाले उन उम्मीदवारों की चर्चा करेंगे। जिनकी जमानत जब्त हो गई। किस राजनैतिक दल के सबसे अधिक और किस राजनैतिक दल के सबसे कम उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई है।
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लोकसभी चुनाव में कई दिलचस्प रिकार्ड बने। इस लोकसभा चुनाव में कुल 543 सीटों पर 8360 उम्मीदवारों ने ताल ठोकी थी. परंतु इनमें से 7193 उम्मीदवारों ने अपनी जमानत भी गंवा दी। यानिक 86 फीसद उम्मीदवारों ने अपनी जमानत राशि से हाथ धोया। जमानत गंवाने वाले उम्मीदवारों की सबसे ज्यादा संख्या बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की है। जिनके उम्मीदवारों ने एक अनूठा ही रिकार्ड बना डाला।
बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने इस लोकसभा चुनाव में देश भर में अपने 488 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे। परंतु सबसे खास बात यह है कि इनमें से 476 उम्मीदवारों की जमानत राशि ही जब्त हो गई। यानिकि कुल उम्मीदवारों के 97.5 फीसदी ने अपनी जमानत गंवाई। बीएसपी के महज 1.5 फीसदी प्रत्याशी ही अपनी जमानत बचाने में सफल हो सके। इतना ही नहीं इस चुनाव में मायावती की बीएसपी पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली है। साल 2019 में बीएसपी ने उत्तर प्रदेश में दस सीटों पर जीत हासिल की थी। उस चुनाव में बीएसपी बीजेपी के बाद सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी।
राष्ट्रीय पार्टियों में जमानत जब्त करवाने वाली पार्टी में दूसरा नंबर सीपीआईएम का आता है। सीपीआईएम ने 52 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे। इनमें से 30 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। यानिक कुल 57.69 प्रतिशत उम्मीदवार अपनी जमानत जब्त करवा बैठे। तीसरा स्थान पर नेशनल कांफ्रेंस पार्टी (एनपीपी) रही। इन्होंने तीन उम्मीदवार खड़े किेए। जिसमें से एक की जमानत जब्त हुई। यानिकि 33.33 फीसदी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई।
वहीं त्रिणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने कुल 48 उम्मीदवार मैदान में उतारे। इनमें से पांच की जमानत जब्त हुई। यानिकि 10.41 फीसद उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई। वहीं कांग्रेस के 328 उम्मीदवारों को टिकट दी। इनमें से 7.9 फीसद के साथ 26 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कुल 441 उम्मीदवारों में से 27 की जमानत जब्त हुई। इतना ही नहीं पंजाब में शिरोमणि अकाली दल ने कुल 13 उम्मीदवारों ने मैदान में ताल ठोकी थी। इनमें से 10 की जमानत जब्त हो गई।
क्या है जमानत राशि का प्रावधान
लोकसभा चुनाव में प्रत्येक उम्मीदवार को जमानत के तौर पर चुनाव आयोग के पास एक निश्चित राशि जमा करवानी पड़ती है। लोकसभा चुनाव के लिए सामान्य कैटेगरी के उम्मीदवारों को 25000 रुपये जमानत राशि, एससी-एसटी कैंडिडेट को 12500 रुपये की राशि जमा करवानी पड़ती है। जमानत राशि जमा करवाने का मकसद यह है कि चुनाव में भाग लेने वाले उम्मीदवार रााजनीति के प्रति गंभीर रहे।




