- माता रानी की कृपा से एक साल के अंदर पूरा हो जाएगा प्रोजेक्ट – अरविंद केजरीवाल
- पंजाब की शानदार विरासत और आध्यात्मिक धरोहर को संभालकर अगली पीढ़ी तक पहुंचाना हमारी प्रतिबद्धता है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
पटियाला, 30 अक्टूबर
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की ओर से आज ऐतिहासिक श्री काली माता मंदिर के नवीनीकरण के लिए 75 करोड़ रुपये के प्रोजेक्टों की शुरुआत की गई।
सभा को संबोधित करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि प्रदेश सरकार का विशेष दायित्व है कि वह जनहित से जुड़े ऐसे प्रोजेक्टों को प्राथमिकता दे। उन्होंने अफसोस जताया कि पिछली सरकारों ने कभी इन कार्यों में रुचि नहीं दिखाई। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि माता रानी की कृपा से उन्हें यह मौका मिला है और यह काम एक साल के अंदर पूरा कर लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि श्री काली माता मंदिर उत्तरी भारत के सबसे सम्मानित और ऐतिहासिक मंदिरों में से एक है। यह पंजाब की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत और शाही संरक्षण का प्रमाण है। मंदिर परिसर में काली माता को समर्पित मुख्य मंदिर के साथ शक्ति के ब्रह्म स्वरूप श्री राज राजेश्वरी जी का प्राचीन मंदिर भी है। ये दोनों स्थल मंदिर को आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण और वास्तुकला की दृष्टि से अनोखा बनाते हैं, जहां सदियों पुरानी परंपराएं आधुनिक ढांचे से सुंदर मेल खाती हैं।
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि रोजाना करीब 10,000, हर शनिवार 40,000 और नवरात्रि में लगभग एक लाख श्रद्धालु यहां आते हैं। राज्य सरकार ने मंदिर को नया रूप देने के लिए 73.52 करोड़ रुपये के कई प्रोजेक्ट शुरू किए हैं।
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उन्होंने कहा कि सरोवर को भाखड़ा नहर से साफ पानी की आपूर्ति के लिए 1.15 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट चल रहा है। मौजूदा सीवरेज और वर्षा जल निकासी ढांचे को 49.06 लाख रुपये से अपग्रेड किया जा रहा है। मंदिर परिसर में 25 लाख रुपये से आम आदमी क्लीनिक स्थापित हो रहा है, जो स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को चिकित्सा सुविधा देगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि मंदिर की आध्यात्मिकता बढ़ाने के लिए सरोवर के पास प्रमुख तीर्थ स्थलों की तर्ज पर लाइट एंड साउंड शो होगा, जिसकी लागत 6.78 करोड़ रुपये है और टेंडर जारी हो चुके हैं। नई इमारत में 15.11 लाख रुपये से लिफ्ट लगाई जा रही है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सरोवर के पास नया रास्ता बन रहा है। मंदिर की नई इमारत, गलियारा, चारदीवारी, प्रवेश द्वार और सरोवर संबंधी प्रोजेक्ट एक साथ शुरू किए गए हैं। सिख-हिंदू परंपरा के अनुसार दूरदराज और आर्थिक रूप से कमजोर श्रद्धालुओं के लिए रोजाना लंगर सेवा शुरू होगी।
सरकार सरोवर का पूर्ण नवीनीकरण करेगी, जिसमें गाद हटाना, वाटरप्रूफिंग, किनारों पर पत्थर का काम और रास्ते शामिल हैं। यह प्रोजेक्ट मंदिर की पवित्रता और विरासती वास्तुकला को बनाए रखते हुए इसकी शान बढ़ाएगा।
ट्रैफिक के दौरान उपयोग होने वाले पिछले गेट को फिर से खोला जाएगा और नवीनीकरण होगा। सभी प्रवेश द्वारों को पारंपरिक वास्तु कला के अनुसार पुनः डिजाइन किया जाएगा। नवरात्रि और वीकेंड पर बड़ी भीड़ के लिए बैरिकेड वाली लेन, साइन बोर्ड और कतार प्रबंधन प्रणाली शुरू होगी।
शहरी योजना और विरासत विशेषज्ञों से परामर्श कर भविष्य की निर्माण, संरक्षण, तीर्थ सुविधाएं, स्वच्छता, पार्किंग और ट्रैफिक प्रबंधन के लिए व्यापक मास्टर प्लान तैयार हो रहा है।
भीड़ नियंत्रण और प्रसाद वितरण के लिए माता वैष्णो देवी की तर्ज पर टोकन प्रणाली शुरू होगी। बुजुर्ग, महिलाओं और विकलांगों के लिए संगत हॉल को पूरी तरह एयर-कंडीशंड किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का दायित्व है कि वह सांस्कृतिक विरासत को संभाले ताकि युवा पीढ़ी अपने गौरवशाली अतीत से जुड़ी रहे। मंदिर में ठहरने के लिए हॉल और 300 वाहनों की पार्किंग बनाई गई है। प्रदेश सरकार इस आध्यात्मिक केंद्र को पंजाब की वास्तुकला का नमूना बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. बलवीर सिंह, आप के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया, विधायक अजीतपाल सिंह कोहली और गुरलाल घनौर, अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन) अनुराग वर्मा, बलतेज पन्नू, नगर निगम मेयर कुंदन गोगिया के साथ-साथ माता श्री काली देवी मंदिर एडवाइजरी कमेटी के सदस्य अजयअलीपुरिया, संजय सिंगला, डॉ. राजकुमार गुप्ता और अन्य नेता उपस्थित थे।

