नई दिल्ली, 25 जुलाई
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लोकतंत्र की बड़ी जीत करार देते हुए देशवासियों, विशेषकर युवाओं को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के लंबे संघर्ष और लोकतांत्रिक आंदोलन के परिणामस्वरूप आखिरकार सरकार को जनता की आवाज सुननी पड़ी।
केजरीवाल ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा केवल एक मंत्री का पद छोड़ना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से देशभर के छात्र और युवा परीक्षा व्यवस्था में सुधार तथा जवाबदेही की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे और आखिरकार उनकी आवाज सफल हुई।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से लोगों का लोकतंत्र और सरकारों पर भरोसा कमजोर पड़ रहा था। आम धारणा बन गई थी कि सरकारें जनता की मांगों और समस्याओं पर ध्यान नहीं देतीं। लेकिन इस घटनाक्रम ने साबित कर दिया है कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे ऊपर होती है और सरकारों को अंततः उसके प्रति जवाबदेह होना पड़ता है।
watch…..लगातार 35 दिन के आंदोलन के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह संघर्ष केवल छात्रों का नहीं, बल्कि पूरे देश के लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सरकार को अब यह समझ लेना चाहिए कि लोकतंत्र में जनभावनाओं की अनदेखी नहीं की जा सकती और जनता की मांगों पर समय रहते सकारात्मक निर्णय लेना आवश्यक है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार अब परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार करेगी, ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि देश के लाखों छात्रों का भविष्य सुरक्षित करना सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है और ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए जिससे किसी भी विद्यार्थी को परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के कारण मानसिक तनाव या आत्महत्या जैसे कदम उठाने के लिए मजबूर न होना पड़े।
केजरीवाल ने देश के युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि उनका शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल बनेगा तथा यह संदेश देगा कि लोकतंत्र में संगठित जनशक्ति परिवर्तन लाने की क्षमता रखती है।




