Homeहिंदीधर्मपटियाला पहुंची ‘चिन्मय अमृत वाहिनी’, श्रद्धा और उत्साह से हुआ भव्य स्वागत

पटियाला पहुंची ‘चिन्मय अमृत वाहिनी’, श्रद्धा और उत्साह से हुआ भव्य स्वागत

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पटियाला, 8 अक्टूबर

चिन्मय मिशन की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में पटियाला में ‘चिन्मय अमृत महोत्सव’ का आयोजन किया गया। समारोह में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर ‘चिन्मय अमृत वाहिनी’ का भी श्रद्धा और उत्साह के साथ भव्य स्वागत किया गया।

‘चिन्मय अमृत वाहिनी’ में गुरुदेव स्वामी चिन्मयानंद की पवित्र प्रतिमा और पादुकाएं शामिल हैं। पिछले एक वर्ष से देशभर की धार्मिक यात्रा पर निकली यह वाहिनी पटियाला पहुंची, जहां संगत और चिन्मय मिशन के सदस्यों ने श्रद्धापूर्वक इसका स्वागत किया।

समारोह को संबोधित करते हुए चिन्मय मिशन नोएडा के आचार्य स्वामी चिद्रूपानंद ने कहा कि चिन्मय मिशन स्वामी चिन्मयानंद की तपस्या, ज्ञान और विचारधारा को देश-विदेश में जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि चिन्मय मिशन के केंद्र भारत के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों में भी स्थापित हैं और बड़ी संख्या में लोग मिशन से जुड़े हुए हैं।

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भारतीय आध्यात्मिक विरासत को आगे बढ़ाने की जरूरत: कटारिया

राज्यपाल कटारिया ने कहा कि यह भारत का सौभाग्य है कि संतों और महापुरुषों ने देश की महान आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने का निरंतर प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि भगवद्गीता और रामायण जैसे महान ग्रंथों की शिक्षाओं को समाज तक पहुंचाना आज समय की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि मनुष्य को सबसे पहले अपने ऊपर विजय प्राप्त करनी चाहिए। इसके बाद ही दूसरों पर विजय प्राप्त करने की बात आती है। राज्यपाल ने गुरु नानक देव जी की वाणी के ‘किरत करो, नाम जपो ते वंड छको’ के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि इन महान शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।

कटारिया ने कहा कि संतों और महापुरुषों की शिक्षाएं तथा उनके द्वारा दिखाया गया मार्ग हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को मजबूत बनाते हैं। उन्होंने युवा पीढ़ी से अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़े रहने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि दूसरों के लिए जीना ही वास्तविक जीवन है। धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों पर जाने से व्यक्ति को आंतरिक शक्ति, शांति और प्रेरणा प्राप्त होती है।

युवाओं को भारतीय संस्कृति से जोड़ने पर जोर

राज्यपाल ने चिन्मय मिशन से जुड़े बच्चों और युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि वे एक उद्देश्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं और अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और सनातन ज्ञान की शिक्षाओं को समाज तक पहुंचाने के लिए चिन्मय मिशन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की।

इस अवसर पर डॉ. राज कुमार गुप्ता और नरेश गुप्ता ने मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का मंच संचालन माधव शर्मा ने किया।

समारोह के दौरान चिन्मय मिशन के स्वामी माधवानंद और पटियाला शाखा की प्रधान पुष्पा मनचंदा सहित मिशन के अन्य सदस्यों ने गणमान्य अतिथियों का सम्मान किया।

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