
-पेपर लीक होने पर कैद और जुर्माना दोनों का प्रावधान
नई दिल्ली, 22 जून (डेस्क)
देश भर में सरकार ने ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024’ यानी एंटी पेपर लीक कानून लागू कर दिया है। गौर हो इसी साल 6 फरवरी को लोकसभा में और 9 फरवरी को राज्यसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट पारित हुआ था। और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 12 फरवरी को इस बिल को मंजूरी देकर इसे कानून में बदल दिया था।
इस साल फरवरी में यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा के पेपर लीक होने के बाद, यूपी आरओ एआरओ भर्ती, नीट यूजी और यूजीसी नेट. पेपर लीक होने का सिलसिला अनवरत जारी है। इस कारण देश के करोड़ों युवाओं का भविष्य संकट में पहुंच गया है। परंतु अब पेपर लीक होने की मामले को रोकने के लिए सख्त कानून बन गया है। एंटी पेपर लीक कानून से इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकेगी।
स्कूल, कॉलेज ही नहीं विश्व विद्यालयों में आयोजित परीक्षाओं नकल और पेपर लीक की घटनाएं बेहद सामान्य सी हो गई है। परीक्षा केंद्रों पर सख्ती के बावजूद उक्त घटनाएं होती रहती हैं। ऐसे मामले सिस्टम को डायरेक्ट चुनौती देते हैं। इससे वह विद्यार्थी जो सचमुच में मेहनत कर परीक्षा की तैयारी कर पहुंचते हैं। उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है।
इस लागू हुए कानून से पेपर लीक होने या उत्तर पुस्तिका में छेड़छाड़ करने पर कम से कम तीन साल की सजा, 10 लाख रुपये तक का जुर्माने का प्रावधान है। सजा को पांच साल तक भी किया जा सकता है। यदि परीक्षा में तैनात अधिकारी दोषी पाया जाएगा। तो उस पर एक करोड़ तक जुर्माना लगाया जा सकेगा। गैर-कानूनी गतिविधि में लिप्त होने पर परीक्षा का खर्च भी वसूला जाएगा। कानून के लागू होने पर विद्यार्थियों का भविष्य कितना महफूज होगा। यह आने वाला भविष्य ही बताएगा।




