नागोया (जापान), 23 अक्टूबर (स्पोर्टस डेस्क)
पैरा एशियन गेम्स में भारत ने चौथे दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 26 पदक अपने नाम किए। इनमें 7 गोल्ड, 4 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। इस प्रदर्शन के साथ भारत के कुल पदकों की संख्या 88 हो गई।
पैरा तीरंदाजी में शीतल देवी और तोमर कुमार की जोड़ी ने कंपाउंड मिक्स्ड टीम स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता। शीतल देवी ने महिलाओं की कंपाउंड इंडिविजुअल स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं, पैरा एथलेटिक्स में सोलैराज धर्मराज, शैलेश कुमार, दिलीप महादू गावित और अंजनाबेन बुम्बाडिया ने गोल्ड जीतकर भारत की पदक तालिका में अहम योगदान दिया।
सोलैराज धर्मराज ने लॉन्ग जंप में बनाया एशियन रिकॉर्ड
पैरा एथलेटिक्स की पुरुषों की लॉन्ग जंप T44/T62/T64 स्पर्धा में सोलैराज धर्मराज ने 7.15 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने नया एशियन रिकॉर्ड बनाया और 2025 में बनाए अपने 7.08 मीटर के रिकॉर्ड को सात सेंटीमीटर से बेहतर किया।
धर्मराज ने 2022 के पैरा एशियन गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीता था, जब उन्होंने 6.80 मीटर की छलांग लगाई थी।
दिलीप गावित ने लगातार दूसरी बार जीता गोल्ड
पुरुषों की 400 मीटर T47 स्पर्धा में दिलीप महादू गावित ने 48.27 सेकेंड में दौड़ पूरी कर स्वर्ण पदक जीता। भारत के भाविककुमार भरवाड़ ने 49.31 सेकेंड के समय के साथ सिल्वर मेडल हासिल किया।
दिलीप गावित ने 2022 के पैरा एशियन गेम्स में भी इस स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता था।
हाई जंप में भारत का क्लीन स्वीप
पुरुषों की हाई जंप T42/T63 स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक जीतकर पोडियम पर कब्जा किया।
शैलेश कुमार ने 1.89 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता और नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया। वरुण सिंह भाटी ने 1.84 मीटर के साथ सिल्वर, जबकि राहुल ने 1.81 मीटर की छलांग लगाकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
भारत ने 2022 के बाद लगातार दूसरी बार इस स्पर्धा के तीनों पदक जीते।
महिलाओं की 400 मीटर T47 स्पर्धा में भारत को गोल्ड और सिल्वर
महिलाओं की 400 मीटर T47 स्पर्धा में अंजनाबेन बुम्बाडिया ने 59.97 सेकेंड के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता। जयंती बेहरा ने इस स्पर्धा में सिल्वर मेडल हासिल कर भारत की पदक संख्या में इजाफा किया।
शीतल देवी ने जीता दूसरा गोल्ड
पैरा तीरंदाजी में शीतल देवी ने महिलाओं की कंपाउंड इंडिविजुअल स्पर्धा के फाइनल में सिंगापुर की नूर आलिम स्याहिदाह को 142-139 से हराकर गोल्ड मेडल जीता।
शीतल देवी ने कंपाउंड मिक्स्ड टीम स्पर्धा में तोमर कुमार के साथ भी स्वर्ण पदक हासिल किया। दोनों ने फाइनल में इंडोनेशिया की थियोडोरा ऑडी ऑडिया फेरेली और केन स्वागुमिलांग की जोड़ी को 151-148 से हराया।
पहले दो सेट के बाद भारतीय जोड़ी ने बढ़त बना ली थी। तीसरे सेट में भारतीय खिलाड़ियों के चारों तीर नौ-नौ अंक पर लगे। अंतिम सेट में भी दोनों जोड़ियों ने 38-38 अंक हासिल किए, लेकिन भारत की कुल बढ़त ने उसे स्वर्ण पदक दिलाया।
शीतल देवी का जन्म बिना बाहों के हुआ था। वह अपने पैरों से धनुष चलाती हैं और डोरी खींचने तथा छोड़ने के लिए कंधे और जबड़े का इस्तेमाल करती हैं। उनका प्रदर्शन पैरा खेलों में समर्पण और प्रतिभा का प्रेरक उदाहरण है।
सुवर्णा राज ने डिस्कस थ्रो में जीता गोल्ड
महिलाओं की डिस्कस थ्रो F54 स्पर्धा में सुवर्णा राज ने 15.66 मीटर का थ्रो कर स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने अपने छह प्रयासों में चार बार 15 मीटर से अधिक दूरी तय की और पांचवें प्रयास में अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया।
ईरान की शाहला हदीदी ने 15.45 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता, जबकि वियतनाम की थी न्गोक थुई गुयेन ने 14.65 मीटर के थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
F54 श्रेणी में ऐसे खिलाड़ी शामिल होते हैं जिनकी धड़ और निचले अंगों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। ये खिलाड़ी थ्रोइंग चेयर का इस्तेमाल करके मुकाबला करते हैं।
स्वाति चौधरी ने तीरंदाजी में भारत को दिलाया ऐतिहासिक सिल्वर
स्वाति चौधरी ने एशियन पैरा गेम्स की तीरंदाजी W1 श्रेणी में भारत का पहला पदक जीता। महिलाओं के व्यक्तिगत फाइनल में उन्हें चीन की सेन मेंगकान के खिलाफ 4-6 से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें सिल्वर मेडल मिला, जबकि सेन मेंगकान ने गोल्ड जीता।
स्वाति मेरठ की गुरुकुल आर्चरी एकेडमी में ओलंपियन सत्यदेव प्रसाद के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेती हैं।
भारतीय खिलाड़ियों के लगातार शानदार प्रदर्शन से देश की पदक तालिका में बढ़ोतरी हुई है। गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल के साथ भारतीय दल ने पैरा खेलों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है।





