
मुंबई, 1 अगस्त (अमर नाथ प्रसाद)
दो अगस्त को सिल्वर स्क्रीन पर नीरज पांडे की निर्देशित अजय देवगण, तब्बू और जिम्मी शेरगिल अभिनीत फिल्म औरों में कहां दम था धमाल मचाने आ रही है। रोमांच से भरपूर औरों में कहां दम था फिल्म में 23 साल की बेवफाई, “प्यार और बदला: एक 23 साल का सफर” दिखाई देगा। फिल्म “एक बेताब इंतजार, एक अधूरा प्यार और एक बदला लेने की तीव्र इच्छा के भावनात्मक सफर को बयां करती है।”
फिल्म की कहानी दर्शकों को आश्चर्यचकित करने, कुछ रहस्यों को छोड़ने में सक्षम है। कृष्णा और वसुधा की कहानी दर्शकों को प्यार, धोखा, और बदला जैसी भावनाओं से जोड़ेगी। नीरज पांडे की 2008 में ‘ए वेडनेसडे’, ‘स्पेशल 26 (2013), बेबी (2015), एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी (2016) बेहतरीन फिल्मों को दर्शकों ने पसंद किया। ‘अय्यारी’ (2018) की असफलता के 6 साल बाद नीरज बतौर निर्देशक एक बार फिर फिल्म लेकर हाजिर हो रहे हैं।
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23 साल की बेवफाई: औरों में कहां दम था
एक बेताब इंतजार, एक अधूरा प्यार और एक बदला लेने की तीव्र इच्छा। नीरज पांडे की ‘औरों में कहां दम था’ 23 साल के इस भावनात्मक सफर को ब्यां करती है। अजय देवगन और तब्बू की जोड़ी एक बार फिर पर्दे पर धमाल मचाने के लिए तैयार है।
कृष्णा (अजय देवगन) और वसुधा (तब्बू) की कहानी दर्शकों को प्यार, धोखा, और बदला जैसी भावनाओं से जोड़ेगी। जब कृष्णा को जेल से रिहा किया जाता है, तो वह वसुधा से मिलने के लिए तरसता है। लेकिन क्या 23 साल बाद भी उनका प्यार बचा रहेगा? तब्बू की जिम्मी शेरगिल से शादी के अलावा हत्याओं का सस्पेंस फिल्म के रोमांच को दर्शाता है।
नीरज पांडे अपनी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती हैं। ‘औरों में कहां दम था’ भी इसी कड़ी में है। अजय देवगन, तब्बू, और जिम्मी शेरगिल जैसे अनुभवी कलाकारों ने इस फिल्म को और भी खास बनाया है।
क्या आप जानना चाहते हैं कि कृष्णा और वसुधा की कहानी का अंत क्या होता है? सिनेमाघरों में देखें ‘औरों में कहां दम था’।


