पटियाला, 11 अक्टूबर
फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया, नई दिल्ली के प्रायोजन तथा पंजाब फार्मेसी काउंसिल, मोहाली के आयोजन में विश्व फार्मासिस्ट दिवस एवं राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह-2026 का राज्य स्तरीय समारोह पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला में आयोजित किया गया। पंजाब में पहली बार इस स्तर पर आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य “स्वस्थ भारत: एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) से मुकाबला” अभियान के तहत लोगों को जागरूक करना था।
समारोह में पंजाब के लगभग 110 फार्मेसी कॉलेजों से 2,000 से अधिक फार्मेसी पेशेवरों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस अवसर पर लगभग 1,500 प्रतिभागियों ने एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस के प्रति जागरूकता रैली में हिस्सा लिया। रैली के माध्यम से एंटीबायोटिक दवाओं के उचित एवं जिम्मेदार उपयोग और इनके प्रति बढ़ते प्रतिरोध को रोकने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान उद्घाटन सत्र, विशेषज्ञों की पैनल चर्चा, फार्मा क्विज, साइंस कार्टून (Scitoon), पोस्टर एवं लीफलेट प्रतियोगिताओं के साथ-साथ नुक्कड़ नाटक भी आयोजित किए गए। इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों को फार्मेसी के क्षेत्र में सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना और आम जनता तक स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाना था।
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फार्मासिस्ट ग्रामीण और झुग्गी-बस्तियों में जाकर लोगों को जागरूक करें: डॉ. मोंटू कुमार एम. पटेल
उद्घाटन समारोह में फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. मोंटू कुमार एम. पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति तथा फार्मेसी क्षेत्र की कई प्रतिष्ठित हस्तियां भी मौजूद रहीं।
अपने संबोधन में डॉ. पटेल ने कहा कि पंजाब की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए फार्मेसी के क्षेत्र में आगे बढ़ने और समाज के लिए उपयोगी कार्य करने की काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने जागरूकता रैली में शामिल विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि कई विद्यार्थी सुबह चार बजे से यात्रा करके दूर-दराज के क्षेत्रों से कार्यक्रम में पहुंचे। उनकी भागीदारी फार्मेसी क्षेत्र की मजबूती और विद्यार्थियों के उत्साह को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि फार्मासिस्टों का वास्तविक दायित्व केवल दवाओं की जानकारी तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों और झुग्गी-बस्तियों में जाकर लोगों को दवाओं के सही इस्तेमाल के बारे में जागरूक करना चाहिए। फार्मेसी संस्थानों को ऐसे क्षेत्रों को अपनाकर यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम करना चाहिए कि लोग निर्धारित दवाएं सही खुराक, सही समय और उचित अवधि तक ले रहे हैं या नहीं।
डॉ. पटेल ने कहा कि यदि फार्मासिस्ट जमीनी स्तर पर जाकर लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को समझेंगे और उन्हें उचित मार्गदर्शन देंगे, तो सरकार, औषधि विभाग, फार्मेसी काउंसिल और नीति-निर्माता भी उनके योगदान को बेहतर तरीके से पहचान सकेंगे। इससे फार्मासिस्टों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने और उनके हित में प्रभावी नीतियां बनाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने फार्मेसी कॉलेजों के प्राध्यापकों और प्रबंधन से अपील की कि वे प्रत्येक महीने अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता रैलियों और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों का आयोजन करें। इससे विद्यार्थियों को आम जनता से सीधे संवाद करने और स्वास्थ्य क्षेत्र की वास्तविक चुनौतियों को समझने का अवसर मिलेगा।
डॉ. पटेल ने कहा कि मरीजों और आम लोगों के साथ प्रत्यक्ष संवाद से विद्यार्थियों को बाजार में उपलब्ध दवाओं, समाज में फैलने वाली बीमारियों तथा बैक्टीरिया और वायरस से जुड़ी चुनौतियों की बेहतर जानकारी मिलेगी। इससे उन्हें अनुसंधान की नई संभावनाओं, आधुनिक तकनीकों और स्वास्थ्य क्षेत्र में मौजूद कमियों को पहचानने में मदद मिलेगी। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
स्वास्थ्य सेवाओं में फार्मासिस्टों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण: प्रो. जगदीप सिंह
पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला के कुलपति प्रो. (डॉ.) जगदीप सिंह ने अपने संबोधन में पर्यावरण को हो रहे नुकसान और इसके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने पृथ्वी, मानवता और सभी जीवों के संरक्षण तथा सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए 17 सतत विकास लक्ष्य (SDGs) निर्धारित किए हैं। इनमें तीसरा लक्ष्य अच्छे स्वास्थ्य और कल्याण से संबंधित है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की चर्चा अक्सर डॉक्टरों और नर्सों से शुरू होती है, लेकिन स्वास्थ्य व्यवस्था में फार्मासिस्टों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। डॉक्टर बीमारी की पहचान और उपचार निर्धारित करते हैं, जबकि फार्मासिस्ट यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं कि मरीज निर्धारित दवाओं का सही खुराक में, उचित समय पर और निर्धारित अवधि तक सेवन करें।
प्रो. जगदीप सिंह ने कहा कि भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में सभी नागरिकों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना एक बड़ी जिम्मेदारी है। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ निजी क्षेत्र भी इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित पक्षों के सामूहिक प्रयासों से ही प्रत्येक नागरिक के लिए स्वस्थ जीवन सुनिश्चित करने के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है और इसमें फार्मासिस्टों की भूमिका अहम है।
विजेताओं को किया सम्मानित
कार्यक्रम का संयोजन पंजाब फार्मेसी काउंसिल, मोहाली के अध्यक्ष श्री सुशील बंसल ने किया, जबकि डॉ. सुरेश कुमार कार्यक्रम समन्वयक रहे।
समारोह के समापन पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। इस आयोजन ने फार्मेसी संस्थानों के बीच आपसी सहयोग को मजबूत करने, विद्यार्थियों को सामाजिक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।





